RAM RAM aaur RAM

 *राम शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं,*

*सुखद होना..!*

*और ठहर जाना..!!*

जैसे की अपने मार्ग से भटका हुआ कोई क्लांत पथिक किसी सुरम्य स्थान को देखकर ठहर जाता है।

सुखद ठहराव का अर्थ देने वाले जितने भी शब्द गढ़े सभी में *राम* अंतर्निहित है..

यथा,

*आराम..!*

*विराम..!*

*विश्राम..!*

*अभिराम..!*

*उपराम..!*

*ग्राम..!*

जो *रमने* के लिए *विवश* कर दे वह *राम..!*

जीवन की आपाधापी में पड़ा *अशांत* मन जिस आनंददायक *गंतव्य* की सतत तलाश में है, वह गंतव्य है *राम..!*

भारतीय मन हर स्थिति में *राम* को *साक्षी* बनाने का आदी है।

दुःख में,

*हे राम..!*

पीड़ा में,

*हे राम..!*

लज्जा में,

*हाय राम..!*

अशुभ में,

*अरे राम राम..!*

अभिवादन में,

*राम राम..!*

शपथ में,

*रामदुहाई..!*

अज्ञानता में,

*राम जाने..!*

अनिश्चितता में,

*राम भरोसे..!*

अचूकता के लिए,

*रामबाण..!*

मृत्यु के लिए,

*रामनाम सत्य..!*

सुशासन के लिए,

*रामराज्य..!*

जैसी अभिव्यक्तियां पग-पग पर *राम* को साथ खड़ा करतीं हैं।

*राम* भी इतने सरल हैं कि *हर जगह खड़े हो जाते हैं।*

हर भारतीय उन पर अपना अधिकार मानता है। 

जिसका कोई नहीं उसके लिए राम हैं-

*निर्बल के बल राम..!*

असंख्य बार देखी सुनी पढ़ी जा चुकी *रामकथा* का आकर्षण कभी नहीं खोता।

राम पुनर्नवा हैं।

हमारे भीतर जो कुछ भी अच्छा है, वह *राम* है।

जो *शाश्वत* है, वह *राम* हैं।

सब-कुछ लुट जाने के बाद जो बचा रह जाता है *वही तो राम है।*

घोर निराशा के बीच जो उठ खड़ा होता है *वह भी राम ही है।*

*सीमाओं के बीच छुपे असीम को देखना हो तो राम को देखिए..!!

 

     *श्री राम जय राम जय जय राम !!*

II

Jaishree Kaushik 

Weight Loss Pakkaaa

"Mom's Interesting Body Management Motivation Programmer"

Jaha Labh milata hai pakkaaaa 

🙏

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