*राम शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं,* *सुखद होना..!* *और ठहर जाना..!!* जैसे की अपने मार्ग से भटका हुआ कोई क्लांत पथिक किसी सुरम्य स्थान को देखकर ठहर जाता है। सुखद ठहराव का अर्थ देने वाले जितने भी शब्द गढ़े सभी में *राम* अंतर्निहित है.. यथा, *आराम..!* *विराम..!* *विश्राम..!* *अभिराम..!* *उपराम..!* *ग्राम..!* जो *रमने* के लिए *विवश* कर दे वह *राम..!* जीवन की आपाधापी में पड़ा *अशांत* मन जिस आनंददायक *गंतव्य* की सतत तलाश में है, वह गंतव्य है *राम..!* भारतीय मन हर स्थिति में *राम* को *साक्षी* बनाने का आदी है। दुःख में, *हे राम..!* पीड़ा में, *हे राम..!* लज्जा में, *हाय राम..!* अशुभ में, *अरे राम राम..!* अभिवादन में, *राम राम..!* शपथ में, *रामदुहाई..!* अज्ञानता में, *राम जाने..!* अनिश्चितता में, *राम भरोसे..!* अचूकता के लिए, *रामबाण..!* मृत्यु के लिए, *रामनाम सत्य..!* सुशासन के लिए, *रामराज्य..!* जैसी अभिव्यक्तियां पग-पग पर *राम* को साथ खड़ा करतीं हैं। *राम* भी इतने सरल हैं कि *हर जगह खड़े हो जाते हैं।* हर भारतीय उन पर अपना अधिकार मानता है। जिसका कोई नहीं उसके लिए राम हैं- *निर्बल क...
Perfect informative . New generation should know the fact that how our great freedom fighters faced the trouble and flourish freedom for us. I have seen that small cell in cellular jail personally. Guide told me the untold stories of our freedom fighters of cellular jail . Great salute !!!!!
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