Dimag ki batti jalade 2
Andh bhakt
ya
Andh virodh
Pahale samaz le fir soche
*#अंधभक्त ये शब्द ही गलत है ....*
*क्योंकि भक्ति कभी अंधी नहीं होती, भक्ति गुण देखने के बाद ही होती है, बिना चमत्कार दिखाए तो भगवान को भी भगवान नहीं मानते हैं लोग .!!*
*वास्तव में अंधा विरोध होता है, "अंधविरोध".....*
*और ये इतना अंधा होता है कि, जिसका ये विरोध करते है उसके अच्छे काम तो खैर दिखने बंद ही हो जाते है, बल्कि दूसरे पापी लोग भी अच्छे लगने लगते है .!!*
*आप मोदी के अंधविरोधी को देखेंगे, उसको लालू भी अच्छा लगता है, सर्टिफाइड भ्रष्टाचारी होने के बाद भी .......*
*जबकि उसको लालू से सीधा प्रेम नहीं है, लेकिन मोदी को लेकर उसका अंधविरोध उसको अंधा बना देता है .!!*
*अंधविरोधियों को पत्नी का कातिल थरूर सच्चा लगने लगता है, अनपढ़ लालू पुत्र समझदार दिखने लगते है, हत्यारी ममता प्रिय हो जाती है .!!*
*दुनिया का सर्टिफाइड पप्पू और 420 में जमानत पर छुटा हुआ राहुल बाबा भी उनको समझदार लगता है ......*
*20 हजार करोड़ और 5 हजार करोड़ के आसामी चिदम्बरम और अहमद मिया अर्थशास्त्री लगते है, लाखों करोड़ के घोटाले अपने कार्यकाल में करवाने वाला गूंगा इनको ईमानदार लगता है .!!*
*ये सब अंधविरोध के कारण होता है .....*
*अंधविरोध इतना तगड़ा होता है कि, जो भी व्यक्ति, संस्था, संगठन मोदी का विरोध करेगा वो अचानक इनको प्यारा लगने लगता है, भले ही वो दुनिया का सबसे निकृष्ट इंसान ही क्यों ना हो .!!*
*अंधविरोध जब हद से आगे अंधा हो जाता है ....*
*तब मोदी को सपोर्ट करने वाला हर व्यक्ति इनके लिए खलनायक हो जाता है, सिर्फ अंधविरोध के कारण भले ही वी कितना भी महान क्यों न हो .!!*
*वास्तव में भक्तों को अंध भक्त कहने वाले ही अंधविरोधी है .....*
*इतना ही नहीं अगर उनसे आप पूछे कि मोदी में ऐसी कौन सी कमी है जो दूसरे नेता में नहीं है या आपके फेवरेट नेता में ऐसा कौन सा गुण है जो मोदी में नही है, तो उनकी बोलती बंद हो जाएगी .!!*
First know the actual fact then
think over it and then take a honest
decision what to comment....🙏🙏🙏
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