CHABI ANTARMAN KHOLANE KI
KAHANI TALA CHABI KI
KAHANI ANTARMAN KE TALE
KO
KHOLANE KI
*एक मार्मिक बात*
*एक ताले वाला रोजाना अनेकों ताले तोडा करता और अनेकों चाबियाँ भी बनाया करता था। ताले वाले की दुकान में एक बच्चा भी रोज काम सीखने आया करता था। बच्चा रोज देखा करता कि छोटी सी चाबी इतने मजबूत ताले को भी कितनी आसानी से खोल देती है। एक दिन बच्चे ने ताले वाले से पूछा कि हथौड़ा ज्यादा शक्तिशाली है, हथौड़े के अंदर लोहा भी ज्यादा है, आकार में भी चाबी से बड़ा है; लेकिन फिर भी हथौड़े से ताला तोड़ने में बहुत समय लगता है और इतनी छोटी चाबी बड़ी ही आसानी से इस मजबूत ताले को कैसे खोल देती है।*
*दूकानदार ने मुस्कुराकर बच्चे से कहा कि हथौड़े से तुम ताले पर ऊपर से प्रहार करते हो और उसे तोड़ने की कोशिश करते हो, लेकिन चाबी ताले के अंदर तक जाती है, उस के अंतर्मन को छूती है; और उसके अंन्दर घूम कर ताले के अंतर्मन को बिना चोट किए स्पर्श करती है। इसीसे ताला आराम से खुल जाया करता है।*
*इसी प्रकार हम चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, लेकिन जब तक हम लोगों के दिल में नहीं उतरेंगे, उनके अंन्तर मन को नहीं छुएंगे, तब तक कोई हमारी परवाह नहीं करेगा। जिस प्रकार हथौड़े के प्रहार से ताला खुलता नहीं बल्कि टूट जाता है। ठीक वैसे ही अगर हम शक्ति के बल पर कुछ काम करना चाहते हैं तो हर बार नाकाम और असमर्थ रहेंगे; क्योंकि शक्ति के द्वारा हम लोगों के दिलों को कभी भी नहीं छू सकते। इसी तरह प्रभु को भी पाने के लिए हमे, प्रभु को दिल से, प्यार से, हर-रोज पुकारना होगा। हमारा ताला दसवां द्वार है, और हमारी चाबी भगवान का नाम, सुमिरन है। जब हम हर रोज उस मालिक को याद करके भजन सिमरन पर बैठेंगे तो यह भजन सिमरन हमारा उस चाबी का काम करेगा, और हमारे दसवें द्वार को सरलता से खोल देगा।
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