PASCHIM MANE PASHIM0 WEST ...WEST.
West is THE WASTE PAKKAAA0
*सुर्य जब भी पश्चिम में गया है,*
*अस्त ही हुआ है!*
01. कुटुम्ब कम हुआ
02. सम्बंध कम हुए
03. नींद कम हुई
04. प्रेम कम
05. वस्त्र कम हुए
06. लाज-लज्जा कम हुई
07. मर्यादा कम हुई
08. बच्चे कम हुए
09. घर में भोजन कम हुआ
10. पुस्तक वाचन कम हुआ
11. चलना कम हुआ
12. आहार कम हुआ
13. घी-मक्खन कम हुआ
14. तांबे-पीतल के बर्तन कम हुए
15. सुख-चैन कम हुआ
16. अतिथि कम हुए
17. सभ्यता कम हुई
18. मन-मिलाप कम हुआ
19. समर्पण कम हुआ
20. संस्कृति कम हुई
*संतान को दोष न दें...*
बालक या बालिका को
*इंग्लिश मीडियम* में पढ़ाया!
*अंग्रेजी* बोलना सिखाया!
*बर्थ डे* और मैरिज एनिवर्सरी
जैसे जीवन के शुभ प्रसंगों को
*अंग्रेजी कल्चर* के अनुसार जीने को ही
श्रेष्ठ मानकर माता-पिता को
*मम्मी* और डैड कहना सिखाया आपने!
*अंग्रेजी कल्चर* से परिपूर्ण बालक या बालिका बड़ा होकर आपको समय नहीं देता, आपकी भावनाओं को नहीं समझता, आप को तुच्छ मानकर जुबान लड़ाता है और आप को बच्चों में कोई संस्कार नहीं दिखता है, तब घर के वातावरण को गमगीन किए बिना या संतान को दोष दिए बिना कहीं एकान्त में जाकर रो लें !
*क्योंकि...*
पुत्र या पुत्री की पहली वर्षगांठ से ही,
*भारतीय संस्कारों* के बजाय
*केक* कैसे काटा जाता है,
सिखाने वाले आप ही हैं !
*हवन कुण्ड* में आहुति कैसे डाली जाए...
मंदिर, मंत्र, पूजा-पाठ, आदर-सत्कार के संस्कार देने के बदले केवल
*फर्राटेदार अंग्रेजी* बोलने को ही,
अपनी शान समझने वाले आप!
बच्चा जब पहली बार
घर से बाहर निकला तो उसे
*प्रणाम-आशीर्वाद* के बदले
*बाय-बाय* कहना सिखाने वाले आप!
परीक्षा देने जाते समय
*इष्टदेव/बड़ों के पैर छूने* के बदले
*बेस्ट ऑफ़ लक* कह कर
परीक्षा भवन तक छोड़ने वाले आप!
बालक या बालिका के सफल होने पर,
घर में परिवार के साथ बैठ कर
खुशियां मनाने के बदले
*होटल में पार्टी मनाने* की प्रथा को बढ़ावा देने वाले आप!
बालक-बालिका के विवाह के पश्चात्
*कुल देवता / देव दर्शन* को भेजने से पहले
*हनीमून* के लिए फाॅरेन/टूरिस्ट स्पॉट भेजने की तैयारी करने वाले आप!
ऐसे ही ढेर सारा अंग्रेजी कल्चर्स को
हमने जाने-अनजाने स्वीकार कर लिया है!
अब तो बड़े-बुजुर्गों और श्रेष्ठों के
*पैर छूने* में भी शर्म आती है!
गलती किसकी ?
मात्र आपकी...(मा-बाप की)
अंग्रेजी कल्चर जीवन में उतारना नहीं है!
*पश्चिमी अंधानुकरण मत कीजिये!*
*सनातन पर्वों को गर्व से मनाइये...*
*कौमुदी महोत्सव* है तो
*Valentine Day* क्यों लाया गया ?
*मातृ नवमी* है तो
*Mother’s Day* क्यों लाया गया ?
*पितृ पर्व* है तो
*Father's Day* क्यों लाया गया ?
*रक्षाबंधन* है तो
*Sister’s Day* क्यों लाया गया ?
*भाईदूज* है तो
*Brother’s Day* क्यों लाया गया ?
*नवरात्रि-कन्या भोज* है तो
*Daughter’s Day* क्यों लाया गया ?
*सन्तान सप्तमी* है तो
*Children’s Day* क्यों लाया गया ?
*गुरु पूर्णिमा* है तो
*Teacher’s Day* क्यों लाया गया ?
*धन्वंतरि जयंती* है तो
*Doctor’s Day* क्यों लाया गया ?
*विश्वकर्मा जयंती* है तो
*Technology Day* क्यों लाया गया ?
*नारद जयंती* है तो
*Journalism Day* क्यों लाया गया ?
*आंवला नवमी-तुलसी विवाह* है तो
*Environment Day* क्यों लाया गया ?
अपनी जड़ों की ओर लौटिये...
अपने सनातन मूल की ओर लौटिये...
अपनी संस्कृति और सभ्यता को जीवंत कीजिये...
मानो तो ठीक,
नहीं तो भगवान ने जिंदगी दी है !
चल रही है, चलती रहेगी...
आने वाली जनरेशन बहुत ही घातक सिद्ध होने वाली है, हमारी संस्कृति विलुप्त होती जा रही है, बच्चे संस्कारहीन होते जा रहे हैं !
सोच-विचार कर अपने बच्चे, परिवार, समाज, संस्कृति और देश को बचाने का प्रयास करें...
संस्कृत, हिन्दी और हमारी मातृ भाषा को बढ़ावा दें, बच्चों को जागरूक करें ताकि वो हमारी संस्कृति और सभ्यता से जुड़ कर गौरवशाली महसूस करें...
हमारी विरासत, हमारा गौरव...
हमारी संस्कृति, हमारा सम्मान...
*नए भारत का वैश्विक संकल्प...*
*सनातन वैदिक धर्म...विश्व धर्म*
*अखंड गुरु भारत*
II
Apani wirasat ko jinda rakhane hetu pratham payadan ke rup me aapnaye .... chhote chhote kadam so badhaye aek Chhota kadam...
" Mom's Interesting Body Management Motivation Programme"ki taraf....jaha Labh milata hai pakkaaaa...!!
II
Jaishree Kaushik
Four LIMCA RECORDS HOLDER IN YOG
🙏
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